इस बरस प्रयागराज संगम में महाकुंभ लगाने वाला है, जिसमें किन्नर अखाड़ा,और जूना अखाड़ा आ गए हैं ।
क्या आप भी महाकुंभ प्रयागराज संगम में घूमने जाने की सोच रहे हैं तो,
जाने प्रयागराज संगम के टॉप 10 मंदिर जिनके दर्शन किए बिना महाकुम्भ अधूरा माना है।

टॉप 10 मंदिर प्रयागराज संगम में कौन-कौन से हैं: Prayagraj Sangam top 10 Mandir in mahakumbh 2025 |
प्रयागराज (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश का एक पवित्र शहर है, जो गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम के लिए प्रसिद्ध है। यहां काई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल की कथा जुड़ी हुई है।
यहां के बड़े मंदिरों की सूची और उनकी जानकारी इस प्रकार है:

1. सरस्वती कूप मंदिर :
सरस्वती कूप मंदिर एक पवित्र स्थान है जो सरस्वती नदी के प्रकट होने की जगह मन जाता है।
यह मंदिर त्रिवेणी संगम के पास स्थित है।
भक्तों का मानना है कि यहां जल का स्पर्श करने से पाप का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

2.आड़े हनुमान जी मंदिर (लेटे हनुमान) :
प्रयागराज के संगम के पास स्थित लेटे (आड़े) हनुमानजी का मंदिर अपनी अलग शैली के लिए मशहूर है।
यहां हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है, जो अन्य मंदिरों से अलग है।
मकर संक्रांति और कुंभ के समय यहां भारी भीड़ होती है।

3. मनकामेश्वर शिव मंदिर:
यह शिव मंदिर प्रयागराज के पुराने मंदिरों में से एक है।
भक्तों का विश्वास है कि यहां मन्नत मांगने से सारी इच्छा पूरी होती है।
शिवरात्रि और सावन के महीने में यह जगह भक्तों से भरी रहती है।

4. ललिता देवी मंदिर:
ललिता देवी मंदिर त्रिवेणी संगम के पास स्थित है और देवी ललिता (शक्ति) को समर्पित है।
ये मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक मन जाता है, जहां देवी सती का अंग गिरा था।
यहां नवरात्रि के समय विशेष पूजा होती है।

5. नाग वासुकी मंदिर:
गंगा नदी के किनारे स्थित नाग वासुकी मंदिर नाग देवता को समर्पित है।
भक्तों का मानना है कि यह मंदिर सांपों के प्रभाव से मुक्ति प्रदान करता है।
नाग पंचमी के दिन यहां विशेष उत्सव मनाया जाता है।

6. बड़े हनुमान मंदिर:
यह मंदिर इलाहाबाद किला के अंदर स्थित है और हनुमान जी को समर्पित है।
कुंभ के समय यह जगह धार्मिक अनुष्ठान और पूजा के लिए प्रसिद्ध होती है।
हनुमान जी की प्राचीन मूर्ति यहां की शान है।

7. शंकर विमान मंडपम:
यह मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में बना हुआ है और भगवान शिव को समर्पित है।
चार मंजिलों वाले इस मंदिर का विशेष आकर्षण इसका प्राचीन वास्तुकला है।

8. सोमेश्वर महादेव मंदिर:
यह शिव मंदिर त्रिवेणी संगम के पास स्थित है।
मंदिर का पवित्र जल शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
सावन महीना और शिवरात्रि के दिन यहां भारी भीड़ होती है।

9.पातालपुरी मंदिर:
यह प्राचीन मंदिर इलाहाबाद किला के अंदर स्थित है।
मंजिल के नीचे स्थिति होने की वजह से इसे “पातालपुरी” कहा जाता है।
यहां अक्षयवट का प्राचीन वृक्ष भी स्थित है, जो अमर होने का प्रतीक है।

10. अक्षयवट:
अक्षयवट इलाहाबाद किला के अंदर स्थित एक पवित्र वृक्ष है, जो अमर वृक्ष माना जाता है।
भक्तों का विश्वास है कि इस वृक्ष का दर्शन और पूजा करने से जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है।
निष्कर्ष :
प्रयागराज के ये मंदिर और धार्मिक स्थान आध्यात्मिकता के प्राचीन स्तंभ हैं ।
जो भक्तों के जीवन में शांति और मोक्ष प्रदान करते हैं।
प्रयागराज (इलाहाबाद) के मंदिर सिर्फ इतने तक सीमित नहीं हैं।
यह शहर धार्मिक और आध्यात्मिक धरोहर से भरा हुआ है।

