सवार मंत्र क्या होते है? और सवार मंत्र का प्रयोग कहाँ किया जाता है?:(What are rider mantras?):

सावर मंत्र तंत्र साधना और तांत्रिक प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मंत्र का उपयोग मुख्य रूप से साधक (साधना करने वाले व्यक्ति) पर किसी विशेष देवी, देवता या अन्य शक्तियों को जागृत करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में साधक के शरीर को उस विशेष शक्ति का माध्यम बनाया जाता है ताकि वह शक्ति साधक के माध्यम से कार्य कर सके।

सवार मंत्र क्या होते है? और सवार मंत्र का प्रयोग कहाँ किया जाता है?

सवार मंत्र क्या है?:(What is rider mantra?):

“सवारी” का अर्थ है “चढ़ना” या “किसी पर सवारी करना।”

सवार मंत्र वे मंत्र हैं जिनका अभ्यासकर्ता किसी देवता, शक्ति या आत्मा को अपने ऊपर, किसी अन्य व्यक्ति या किसी वस्तु पर स्थापित करने के लिए उपयोग करता है।

इसका उपयोग किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए किया जाता है, जैसे बीमारी ठीक करना, भविष्यवाणी करना, समस्या हल करना या आत्माओं से संपर्क करना।

सवार मन्त्र का उद्देश्य क्या होता है:(Purpose of Sawar Mantra):

देवी देवताओं का आह्वान:

देवताओं का शरीर में बुला कर आशीर्वाद प्राप्त करना।और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करना।

आत्मा और शक्ति का आवेश :

आत्मा या किसी ऊर्जा को शरीर में बुलाना और उससे किसी समस्या का समाधान करवाना।

भविष्यवाणी एवं समाधान:

विशेष शक्तियों का उपयोग करके भविष्य के बारे में जानकारी प्राप्त करना।

तांत्रिक प्रयोग :

सवार मंत्र का प्रयोग विशेष अनुष्ठानों एवं तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है।

सवार मंत्र का प्रयोग कहाँ किया जाता है?:(Where is Sawar Mantra used?):

औघड़ और तांत्रिक परंपरा में:

औघड़ और तांत्रिक सवार देवताओं या विशेष शक्तियों को अपने ऊपर स्थापित करने के लिए मंत्रों का उपयोग करते हैं।

उदाहरण:अघोरी साधक माँ काली या शिव को अपने ऊपर स्थापित करने के लिए मंत्रों का उपयोग करते हैं।

भूत-प्रेत या आत्माओं से संपर्क:

तांत्रिक अनुष्ठानों में आत्मा को बुलाना और उसे किसी के शरीर या किसी अन्य माध्यम में लाना शामिल है। इसे भूत-प्रेत साधना या आत्म संचार साधना भी कहा जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में:

ग्रामीण भारत में, सवार मंत्र का उपयोग देवी या ग्राम देवताओं का आह्वान करने के लिए किया जाता है। सावर मंत्र से मां दुर्गा, काली या क्षेत्रीय देवता का आह्वान किया जाता है।

प्राकृतिक और अलौकिक शक्तियों से संपर्क:

इस प्रकार के मंत्रों का उपयोग प्राकृतिक शक्तियों (जैसे अग्नि, वायु, जल) या अलौकिक शक्तियों (जैसे गंधर्व, यक्ष) से संपर्क करने के लिए किया जाता है।

सवार मंत्र का उदाहरण :(Example of rider mantra):

देवी सवार मंत्र:

इस मंत्र का प्रयोग देवी को साधक पर सवार करने के लिए किया जाता है।

मंत्र: ॐ ह्रीं क्लीं चामुण्डायै सवार सवार नमः।

काली सवार मंत्र:

साधक पर मां काली की शक्ति का आह्वान करने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है।

मंत्र: ॐ क्रीं क्रीं क्रीं कालिकायै स्वाहा।

भूत सवार मंत्र:

इस मंत्र का प्रयोग भूतों या आत्माओं को बुलाने के लिए किया जाता है।

मंत्र: ॐ भूतेश्वरी भूतेश्वरी प्रेतराज्य सवार सवार स्वाहा।

सवार मंत्र के नियम एवं सावधानियां:(Rules and precautions for Sawar Mantra):

सवार मंत्र का प्रयोग अत्यधिक संवेदनशील एवं जटिल है। ऐसा करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

गुरु का मार्गदर्शन:

सवार मंत्र का प्रयोग गुरु के मार्गदर्शन के बिना नहीं करना चाहिए। यह प्रक्रिया खतरनाक हो सकती है, खासकर यदि गलतियाँ की जाती हैं।

सुरक्षा उपकरण:

मंत्र का प्रयोग करते समय सुरक्षा के लिए कवच मंत्र, रक्षा सूत्र या यंत्र का प्रयोग करें।

उदाहरण: “नारायण कवच” या “दुर्गा कवच”।

स्थान का चयन:

किसी एकांत एवं शान्त स्थान का चयन करें। यह प्रक्रिया अक्सर श्मशान, जंगल या शक्तिपीठ जैसी जगहों पर की जाती है।

आसन एवं सामग्री:

आसन का प्रयोग करें। घर की साज-सज्जा, दीपक और अन्य तांत्रिक सामग्री की व्यवस्था करें।

मन की पवित्रता और नियंत्रण:

मंत्र का प्रयोग करते समय मन को शांत और नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है। ध्यान और संयम से काम लें.

सवार मंत्र के प्रभाव क्या क्या हो सकते हैं?:(What can be the effects of Sawar Mantra?):

शारीरिक आवेश:

मंत्र जाप के दौरान साधक को अपने शरीर में कंपन, तीव्र गर्मी या भारीपन महसूस हो सकता है।

चेतना में परिवर्तन:

साधक की चेतना बदल सकती है, और वह किसी देवता या आत्मा के विचारों और वाणी के संपर्क में आ सकता है।

शक्ति का अनुभव:

साधक को अलौकिक शक्ति का अनुभव हो सकता है, जैसे भारी वजन उठाना या तीव्र ऊर्जा।

सवार मंत्र के खतरे:(Dangers of rider mantra):

नकारात्मक प्रभाव:

यदि मंत्र का जाप सही ढंग से न किया जाए तो नकारात्मक शक्तियां साधक पर हावी हो सकती हैं।

आत्मा की अधिष्ठान:

यदि आत्मा को ठीक से दूर न भेजा जाए तो यह साधक को नुकसान पहुंचा सकती है।

मानसिक समस्याएं:

सवार मंत्र का गलत प्रयोग मानसिक तनाव या विकार का कारण बन सकता है।

सवार मंत्र का उपयोग कब नहीं करें?(When not to use rider mantra?):

1. जब सहायक मानसिक रूप से अस्थिर हो।

2. जब गुरु का मार्गदर्शन उपलब्ध न हो।

3. जब सुरक्षा कवच और उपाय न हो।

4. बिना उद्देश्य के।

अंतिम सुझाव :

सवार मंत्र का प्रयोग केवल अनुभव और ज्ञान वाले साधकों को ही करना चाहिए। मनोरंजन या जिज्ञासा के लिए ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। यदि आप सावर मंत्र की ओर आकर्षित हैं तो किसी योग्य गुरु के पास जाएं और दीक्षा लेकर साधना करें।

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